फूलों ने भौंरों की ज़िन्दगी संवारा - दान पुण्य
✍️🎀🐾"फूलों ने भौंरों की ज़िन्दगी संवारा - दान पुण्य" 🐾🎀
🍊...🍇...🐾
हुआ नहीं था सांझ अभी तो था ही सबेरे।
करके भौंरे गुणगान समां में जान बिखेरे!
व्यस्त दिखे वे आज उन्हें कई फूल थे घेरे!
चकित रह गए इंसान, रहे इर्दगिर्द जो मेरे!
🍇...🙌...🍎
भौंरे जो थे परेशान उन्हें रसपान था करना!
आ गई उनमें जान, लगे मुस्कान बिखरना।
फूलों का यह दान बना सम्मान था उनका।
बची जिंदगी आज बना वरदान था उनका।
🖐️...🍇...🎀
राह खड़े घंटों इंतज़ार करना क्या कम था!
फोकट में मिला उन्हें भोजन वह अहम था।
देकर अद्भुत दान, बनकर भूखों का सहारा।
आज इन फूलों ने भौंरों की ज़िन्दगी संवारा।
हुआ नहीं था सांझ अभी तो था ही सबेरे।
करके भौंरे गुणगान समां में जान बिखेरे!
व्यस्त दिखे वे आज उन्हें कई फूल थे घेरे!
चकित रह गए इंसान, रहे इर्दगिर्द जो मेरे!
🍇...🙌...🍎
भौंरे जो थे परेशान उन्हें रसपान था करना!
आ गई उनमें जान, लगे मुस्कान बिखरना।
फूलों का यह दान बना सम्मान था उनका।
बची जिंदगी आज बना वरदान था उनका।
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राह खड़े घंटों इंतज़ार करना क्या कम था!
फोकट में मिला उन्हें भोजन वह अहम था।
देकर अद्भुत दान, बनकर भूखों का सहारा।
आज इन फूलों ने भौंरों की ज़िन्दगी संवारा।

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