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प्यार की भाषा जानवरों को बहुत प्रिय है
✍️🎀"प्यार की भाषा जानवरों को बहुत प्रिय है"🐾🎀
🐾🎀
जब हुआ दर्द तब पता लगा!
खंजर ही गड़ा था सीने में!
🎀🐾
जो हुए थे कभी साप्ताहिक वो!
अब तो हुए थे; दिनों महीने में!
🐾🎀
देखिए तो सही, कटु वचन की धार,
एक "तलवार" से भी पार थी।
🎀🐾
भेद सकती थी नरम दिलों को वो,
एक ऐसी अद्भुत "औजार" थी।
🐾🎀
मनुष्य तो मनुष्य, जानवर भी अब
इससे भयंकर डरने लगे थे।
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पास आए वो आज तब पता लगा कि;
प्यार की भाषा वे बेहतर समझने लगे थे।
- ऋषि
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